पश्चिम बंगाल चुनाव: बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा चुनाव के लिए पहले चरण में 152 सीटों पर इस बार रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग हुई और निर्वाचन आयोग के जारी गए लेटेस्ट आंकड़ों के मुताबिक बंगाल में रिकॉर्ड 92.88 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। वोटिंग के दौरान हिंसा, मतदाताओं को डराने-धमकाने और हमले की छिटपुट घटनाएं भी हुईं, जिसमें आसनसोल, मालदा, कूचबिहार, सिलीगुड़ी. मुर्शिदाबाद सभी जगहों पर झड़प की खबरें सामने आईं। कहीं तो उम्मीदवारों को घेर कर, दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया, तो कहीं लाठियां ईंट-पत्थर भी चले। सबसे ज्यादा वोटिंग कूचबिहार जिले में हुई और उसके बाद दक्षिण दिनाजपुर में भी लोगों ने जमकर मतदान किया।
सबसे ज्यादा कहां हुई वोटिंग, देखें लेटेस्ट आंकड़ा

वोटिंग के दौरान बीरभूम में तनाव
बीरभूम जिले के खारिसोल में अंतिम घंटों के दौरान तनाव काफी बढ़ गया, जब मतदाताओं ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के पक्ष में डाले गए वोट भाजपा के खाते में दर्ज हो रहे हैं। चुनाव अधिकारियों और नाराज मतदाताओं के बीच बहस छिड़ने के बाद स्थिति और बिगड़ गई, जिसके बाद स्थानीय लोगों का एक समूह मतदान केंद्र के बाहर इकट्ठा हो गया और प्रदर्शन करने लगा।
कहां हुई हिंसा, कहां हुआ उपद्रव
- दक्षिण दिनाजपुर के कुमारगंज में भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु सरकार के साथ उस समय हाथापाई की गई जब वह गड़बड़ी की खबरों के बाद एक मतदान केंद्र की ओर जा रहे थे।
- आसनसोल दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के रहमत नगर में भाजपा उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल की कार पर पथराव किया गया जिससे उसकी पिछली खिड़कियों के शीशे टूट गए।
- मुर्शिदाबाद के नौदा में आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) और तृणमूल के समर्थकों के बीच झड़पें हुईं। वाहनों में तोड़फोड़ और पथराव के बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए केंद्रीय बलों को लाठीचार्ज करना पड़ा।
- लाभपुर, चंचल और मुरारई से हिंसा की अन्य घटनाएं सामने आईं, जहां पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच झड़पों में कई लोग घायल हो गए।
- डोमकल में, मतदाताओं को बूथों तक पहुंचने से रोके जाने के आरोप लगे, जिसके कारण सुरक्षाकर्मियों की तैनाती आवश्यक हो गई।
- अधिकारियों ने कहा कि मतदान काफी हद तक शांतिपूर्ण रहा, लेकिन निर्वाचन आयोग को मतदान से जुड़ी करीब 500 शिकायतें प्राप्त हुईं, जबकि 'सीविजिल' ऐप के माध्यम से 375 अन्य शिकायतें दर्ज की गईं।
- तृणमूल कांग्रेस ने दोपहर तक 700 से अधिक शिकायतें दर्ज कराने का दावा किया, जिनमें से कई ईवीएम में कथित खराबी और केंद्रीय बलों के आचरण से संबंधित थीं।
- मुर्शिदाबाद, बांकुड़ा और कूच बिहार में मतदान प्रतिशत लगभग 90 प्रतिशत या उससे अधिक रहा, जबकि मालदा, झाड़ग्राम और पश्चिम मेदिनीपुर में भी लगभग यही स्तर रहा। कलिम्पोंग में यह अपेक्षाकृत कम लगभग 81 प्रतिशत रहा।
पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड तोड़ मतदान
वहीं, इन सबके बीच मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने कहा, यह आजादी के बाद से पश्चिम बंगाल में दर्ज अब तक का सर्वाधिक मतदान प्रतिशत है। आंकड़ों के मुताबिक राज्य में इससे पहले सबसे अधिक मतदान 2011 के विधानसभा चुनावों के दौरान 84.72 प्रतिशत रहा था।
बृहस्पतिवार को पहले चरण के लिए हुए मतदान में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक रही, जिसमें महिला मतदाताओं का प्रतिशत 92.69 रहा, जबकि पुरुष मतदाताओं का प्रतिशत 90.92 रहा। तीसरे लिंग के मतदाताओं का प्रतिशत भी 56.79 रहा।
वर्ष 2021 में, भाजपा ने इन 152 सीटों में से 59 सीटें जीती थीं, जबकि तृणमूल को 93 सीटें मिली थीं। दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा और मतगणना चार मई को होगी। इस बीच, निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए मतदान के बाद के नए दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिनमें मतदान समाप्त होने के बाद निगरानी कैमरों और वीडियो डेटा को संभालने के लिए सख्त प्रोटोकॉल निर्धारित किए गए हैं।